त्योहारों में ‘वोकल फॉर लोकल’ की गूंज: ऑनलाइन शॉपिंग छोड़ स्थानीय बाजारों से खरीदारी की अपील



शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा 

दीपक छतलानी बोले—स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी करें, शहर की अर्थव्यवस्था और रोजगार को दें मजबूती

उल्हासनगर त्योहारों का मौसम शुरू होते ही बाजारों में खरीदारी की रौनक बढ़ने लगी है। इसी बीच उल्हासनगर शॉपीकीपर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं भाजपा व्यापारी नेता दीपक छतलानी ने शहरवासियों से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने की विशेष अपील की है। उन्होंने नागरिकों से ऑनलाइन खरीदारी के बजाय स्थानीय दुकानों और बाजारों से खरीदारी को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है।

दीपक छतलानी ने कहा कि त्योहार केवल खरीदारी का अवसर नहीं, बल्कि स्थानीय व्यापार, रोजगार और शहर की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी समय है। यदि नागरिक अपने शहर के दुकानदारों से खरीदारी करते हैं, तो उसका सीधा लाभ स्थानीय व्यापारियों, कर्मचारियों और उनसे जुड़े छोटे व्यवसायों तक पहुंचता है।

“अपने शहर के दुकानदारों को मजबूत करें”

दीपक छतलानी ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा, “उल्हासनगर और आसपास के सभी नागरिक त्योहारों के दौरान स्थानीय दुकानदारों से ही खरीदारी करें। 

ऑनलाइन खरीदारी के बजाय अपने शहर के बाजारों को प्राथमिकता दें। ‘लोकल फॉर वोकल’ को समर्थन दें और परिवार के साथ स्थानीय बाजारों में जाकर खरीदारी का आनंद लें।”

उन्होंने कहा कि स्थानीय बाजारों में खरीदारी करने से पैसा स्थानीय अर्थव्यवस्था में ही घूमता है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलती है और छोटे-बड़े दुकानदारों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी मजबूत होते हैं।


स्थानीय बाजारों को प्राथमिकता देने की अपील

एसोसिएशन की ओर से नागरिकों से मुख्य रूप से आग्रह किया गया है कि:

  • ऑनलाइन खरीदारी के बजाय स्थानीय दुकानों को प्राथमिकता दें।
  • उल्हासनगर के बाजारों और स्थानीय व्यापारियों से खरीदारी करें।
  • ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान को समर्थन दें।
  • त्योहारों की खरीदारी के लिए स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यवसायों को अवसर दें।
  • परिवार के साथ स्थानीय बाजारों में जाकर स्थानीय व्यापार और बाजार संस्कृति को प्रोत्साहित करें।

ई-कॉमर्स के बढ़ते प्रभाव के बीच स्थानीय व्यापारियों की चिंता

बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव के कारण छोटे और मध्यम स्तर के खुदरा व्यापारियों के सामने प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में स्थानीय व्यापार संगठनों का मानना है कि नागरिकों की खरीदारी की आदतों में थोड़ा बदलाव भी स्थानीय दुकानदारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

स्थानीय बाजारों से खरीदारी करने का एक अतिरिक्त लाभ यह भी है कि ग्राहक सामान को प्रत्यक्ष रूप से देखकर उसकी गुणवत्ता, आकार और कीमत की तुलना कर सकते हैं तथा जरूरत पड़ने पर दुकानदार से सीधे संपर्क भी कर सकते हैं।

त्योहारों में स्थानीय बाजारों को मिले नई ऊर्जा

उल्हासनगर के विभिन्न बाजारों में त्योहारों को देखते हुए व्यापारियों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। ऐसे में स्थानीय ग्राहकों की भागीदारी बाजारों में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

दीपक छतलानी ने नागरिकों से एक बार फिर अपील करते हुए कहा कि “त्योहारों की खुशियां अपने शहर के व्यापारियों के साथ साझा करें और स्थानीय बाजारों को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।”

स्थानीय दुकानदार मजबूत होंगे तो स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी—और मजबूत स्थानीय अर्थव्यवस्था का सीधा लाभ शहर के नागरिकों और रोजगार व्यवस्था को मिलेगा।

— शौर्य टाइम्स | जनहित एवं जनजागरूकता के लिए







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