शौर्य टाइम्स | नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर: उल्हासनगर 3 होटल डॉल्फीन क्लब के गेट के सामने कथित तौर पर दिनदहाड़े मारपीट और चाकूनुमा हथियार से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में मध्यवर्ती पुलिस थाने में FIR No. 0565/2026, दिनांक 25 सितंबर 2026 को दर्ज की गई है।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता जयेश सुंदरदास आहूजा (31), निवासी कल्याण पश्चिम का करीब ₹20 हजार का लेन-देन फिरोज जवरानी नामक व्यक्ति के साथ था। शिकायतकर्ता के अनुसार, रकम वापस नहीं मिलने और फोन पर संपर्क नहीं होने के बाद वह संबंधित व्यक्ति से मिलने गया था।
FIR में हमले का आरोप
शिकायतकर्ता के बयान के मुताबिक, 25 सितंबर की सुबह करीब 7 बजे होटल डॉल्फीन क्लब के पास रोशन हरेश पुरुस्वानी अपने दो साथियों के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि बातचीत के दौरान गाली-गलौज और मारपीट शुरू हुई तथा चाकू/कटरनुमा हथियार से शिकायतकर्ता की नाक पर वार किया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पीड़ित के साथ लात-घूंसों से मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी गई।
BNS की इन धाराओं में मामला दर्ज
मध्यवर्ती पुलिस ने उपलब्ध FIR विवरण के अनुसार भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 118(1), 115(2), 351(2) और 352 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
जांच अधिकारी: पुलिस निरीक्षक विठ्ठल बाबासाहेब बधे।
शिवसेना नगरसेवक के परिवार से रिश्तेदारी की चर्चा
इस मामले के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में आरोपी रोशन पुरुस्वानी और शिवसेना के मौजूदा नगरसेवक जम्मू पुरुस्वानी के परिवार के बीच कथित पारिवारिक संबंध होने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, इस रिश्ते की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है।
यदि यह पारिवारिक संबंध सही है, तो स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि किसी भी व्यक्ति के कथित आपराधिक आचरण का राजनीतिक दल या निर्वाचित प्रतिनिधि से संबंध होने का मतलब क्या है? किसी रिश्तेदार के खिलाफ दर्ज FIR को सीधे पार्टी या नगरसेवक की जिम्मेदारी नहीं माना जा सकता; कानून अपना काम स्वतंत्र रूप से करता है।
'डर का माहौल' बनाने के आरोप—पुष्टि पुलिस जांच के बाद
स्थानीय स्तर पर आरोपी के खिलाफ पहले भी लोगों को डराने-धमकाने और मारपीट जैसी घटनाओं में शामिल होने के आरोपों की चर्चा होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन अतिरिक्त आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या पूर्व मामलों के आधिकारिक रिकॉर्ड इस समय उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इन्हें स्थापित तथ्य के बजाय आरोप/दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
जनजागरूकता: धमकी या मारपीट को नजरअंदाज न करें
किसी भी नागरिक के साथ मारपीट, धमकी या जबरन वसूली जैसी घटना होती है तो उसे कानून अपने हाथ में लेने के बजाय तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करनी चाहिए। आपात स्थिति में पुलिस सहायता के लिए 112 पर संपर्क किया जा सकता है।
महत्वपूर्ण: यह मामला पुलिस में दर्ज FIR और शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित है। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायालय द्वारा किया जाएगा। आरोपी को दोष सिद्ध होने तक कानूनन निर्दोष माना जाता है।
स्रोत: मध्यवर्ती पुलिस स्टेशन, ठाणे शहर — FIR Copy No. 0565, दिनांक 25/09/2026; शिकायतकर्ता का बयान।
Tags:
Article
Awareness
Breaking News
Corruption
Corruption Case
Crime
Crime city
criminal
criminal offence
DCP Zone-4
No justice
politics
RTI Activist
Shaurya Times
Ulhasnagar Birthday Wishes
Ulhasnagar Breaking News

