🚨 उल्हासनगर मनपा के 7 मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया पर फिर लगा ब्रेक!



 

शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा 

महापौर एड. अश्विनी निकम ने 11 सितंबर की विशेष महासभा स्थगित करने की मांग की

न्यायालयीन मामला लंबित होने का हवाला; मनोनीत सदस्यों के फॉर्म भरने और चयन प्रक्रिया को अनिश्चितकाल के लिए रोकने की मांग

उल्हासनगर महानगरपालिका में 7 मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति को लेकर चल रही प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में आ गई है। मनपा की महापौर एड. अश्विनी कमलेश निकम ने महानगरपालिका आयुक्त/महापालिका सचिव को पत्र भेजकर मनोनीत सदस्यों के आवेदन भरने की प्रक्रिया तथा 11 सितंबर 2026 को प्रस्तावित विशेष महासभा को स्थगित करने की मांग की है।

महापौर द्वारा 5 सितंबर 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि मनोनीत सदस्यों के चयन से संबंधित मामला न्यायालयीन विचाराधीन होने के कारण, जब तक इस संबंध में न्यायालय अथवा शासन की ओर से स्पष्ट निर्देश प्राप्त नहीं होते, तब तक चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा।


⚖️ क्या है पूरा मामला?


महापौर के पत्र के अनुसार, महानगरपालिका की ओर से 7 मनोनीत सदस्यों के चयन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके तहत मनोनीत सदस्य पद के लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया और उसके बाद चयन के लिए 11 सितंबर 2026 को विशेष महासभा आयोजित करने की तैयारी थी।

हालांकि, महापौर ने अपने पत्र में मुंबई उच्च न्यायालय से संबंधित न्यायालयीन संदर्भों और अधिवक्ताओं द्वारा दिए गए पत्रों का उल्लेख करते हुए कहा है कि इस मामले में न्यायालयीन स्थिति स्पष्ट होना आवश्यक है।

पत्र में विशेष रूप से अधिवक्ता रामचंद्र भांडारकर तथा अधिवक्ता विनोद बी. पाटील की ओर से दिए गए पत्रों का संदर्भ दिया गया है।


🔴 “अगले आदेश तक प्रक्रिया रोकने” की मांग


महापौर ने प्रशासन से मांग की है कि मनोनीत सदस्यों के फॉर्म भरने की प्रक्रिया तथा चयन प्रक्रिया को अनिश्चित अवधि के लिए स्थगित रखा जाए, ताकि न्यायालयीन स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सके।

इस पत्र के बाद मनोनीत सदस्य पद के लिए इच्छुक राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं में एक बार फिर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।

🏛️ 7 पदों को लेकर बढ़ी थी राजनीतिक हलचल


उल्हासनगर महानगरपालिका में 7 मनोनीत सदस्यों के पद लंबे समय से राजनीतिक चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। इन पदों पर विभिन्न राजनीतिक दलों एवं सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े इच्छुक उम्मीदवारों के नामों को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं।

ऐसे में यदि 11 सितंबर की प्रस्तावित विशेष महासभा स्थगित होती है, तो मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति का मामला एक बार फिर लंबा खिंच सकता है।


📌 महत्वपूर्ण बात


महापौर के पत्र में प्रक्रिया स्थगित करने की मांग की गई है। इसे अपने आप में अंतिम न्यायालयीन आदेश या नियुक्ति प्रक्रिया रद्द होने का निर्णय नहीं माना जा सकता। अंतिम निर्णय महानगरपालिका प्रशासन, शासन अथवा संबंधित न्यायालय के आदेश के अनुसार ही स्पष्ट होगा।
स्रोत: उल्हासनगर महानगरपालिका की महापौर एड. अश्विनी कमलेश निकम द्वारा महानगरपालिका आयुक्त/महापालिका सचिव को भेजा गया दिनांक 05 सितंबर 2026 का पत्र।


🔥 शौर्य टाइम्स की हेडलाइन

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