शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर मनपा आयुक्त मनीषा आव्हाले के आदेश से टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता की उम्मीद; शिकायत के बाद जांच शुरू।
उल्हासनगर महानगरपालिका में पिछले कुछ वर्षों के दौरान मैन्युअल पद्धति से निकाली गई विकासकामों की निविदाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर उठे सवालों के बीच मनपा आयुक्त मनीषा आव्हाले ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
प्राप्त दस्तावेज के अनुसार, उल्हासनगर मनपा नगरसेवक संजय सिंह (चाचा ) द्वारा मैन्युअल पद्धति से निकाली गई निविदा प्रक्रियाओं में कथित त्रुटियों एवं अनियमितताओं की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की मांग की गई थी। इस संबंध में शहर अभियंता के माध्यम से जांच रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई है।
आयुक्त मनीषा आव्हाले ने निर्देश दिए हैं कि जांच रिपोर्ट की छानबीन एवं अंतिम निष्कर्ष आने तक विकासकामों के लिए मैन्युअल पद्धति से नई निविदा प्रस्तावित अथवा प्रसिद्ध नहीं की जाए। साथ ही संबंधित मामले में किसी प्रकार की देरी अथवा लापरवाही न हो, इसके निर्देश भी दिए गए हैं।
शिकायत के बाद प्रशासन ने लिया संज्ञान
बताया गया है कि उल्हासनगर मनपा नगरसेवक संजय सिंह (चाचा) ने सार्वजनिक बांधकाम विभाग के माध्यम से जारी की गई निविदाओं में कथित अनियमितता का मुद्दा उठाते हुए निविदा प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने तथा पूरे प्रकरण की महासभा स्तर पर निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ी। आयुक्त के आदेश के बाद अब जांच रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों और अंतिम निष्कर्ष पर सभी की नजरें टिकी हैं।
Tags:
Article
Awareness
Extortion And Illegal Business
headline
Headline Today
protest for justice
public awareness
Ulhasnagar Breaking News






