शौर्य टाइम्स :नीतू विश्वकर्मा
मराठा सेक्शन में सार्वजनिक रास्ता घेरकर अवैध बालकनी निर्माण का खुला खेल: UMC की खामोशी पर भड़के रहवासी, उच्चस्तरीय जांच की मांग
उल्हासनगर-४ (धोबी घाट): शहर में अनधिकृत निर्माणों और अतिक्रमण पर नकेल कसने के दावों के बीच उल्हासनगर-४ से नियमों की धज्जियां उड़ाने वाला बेहद गंभीर मामला सामने आया है। मराठा सेक्शन, बीके नंबर १३१४, धोबी घाट परिसर में चल रहे एक निजी निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया है। आरोप है कि संबंधित निर्माणकर्ता प्रकाश भोसले द्वारा स्वीकृत सीमा से बाहर निकलकर सड़क पर लटकती बालकनी (Overhanging Projection) बनाई जा रही है, जिसके चलते आम जनता का मुख्य आवागमन मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है।
रास्ता ब्लॉक, जिंदगी हलकान: राजनीतिक संरक्षण का खुला आरोप
स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान सार्वजनिक रास्ते को अवरुद्ध कर दिया गया है, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही पर सीधा संकट मंडरा रहा है।
सूत्रों और स्थानीय नागरिकों के अनुसार, निर्माणकर्ता का स्थानीय राजनीतिक हलकों, विशेषकर शिवसेना (शिंदे गुट) से जुड़ी शिक्षण विभाग की सभापति साक्षी सुर्वे- नगरसेविका के करीबी हलकों में उठना-बैठना बताया जाता है। नागरिकों का सीधा आरोप है कि इसी राजनीतिक प्रभाव और रसूख के दुरुपयोग के चलते उल्हासनगर महानगरपालिका (UMC) का संबंधित प्रभाग/वार्ड कार्यालय आंखें मूंदे बैठा है और नियमों का खुलेआम उल्लंघन जारी है।
कानून क्या कहता है? (MRTP Act एवं म्युनिसिपल बायलॉज)
यह केवल पड़ोस का विवाद नहीं, बल्कि सीधे तौर पर कानूनी नियमों का उल्लंघन है:
- MRTP Act, 1966 (धारा 52, 53, 54): बिना वैध 'Sanctioned Plan' या स्वीकृत नक्शे के विपरीत सार्वजनिक जमीन या मार्जिनल स्पेस (Setback) पर कोई भी प्रोजेक्शन/बालकनी खड़ा करना गैरकानूनी और दंडनीय अपराध है।
- रेगुलराइजेशन कानून के तहत सख्त पाबंदी: उल्हासनगर अनधिकृत विकास नियमितीकरण कानून के तहत स्पष्ट प्रावधान है कि सार्वजनिक रास्तों, इंटरनल लेआउट रोड या डीपी रोड के अलाइनमेंट पर किए गए किसी भी अवैध निर्माण को नियमित (Regularize) नहीं किया जा सकता।
- बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख: उच्च न्यायालय ने कई जनहित याचिकाओं में स्थानीय निकायों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक रास्तों पर बाधा बनने वाले किसी भी निर्माण पर तुरंत डिमोलिशन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
UMC प्रशासन और आयुक्त के समक्ष ५ तीखे सवाल
- क्या इस निर्माण के पास वैध 'Commencement Certificate' (CC) और स्वीकृत नक्शा मौजूद है?
- क्या सड़क तक बढ़ाई गई बालकनी को टाउन प्लानिंग विभाग से विशेष मंजूरी हासिल है?
- सार्वजनिक रास्ता बंद होने की शिकायतों के बावजूद संबंधित वार्ड अधिकारी ने अब तक 'Stop Work Notice' क्यों जारी नहीं किया?
- क्या मौके का आधिकारिक 'स्पॉट पंचनामा' तैयार कर स्वीकृत नक्शे से वास्तविक मिलान कराया गया है?
- क्या राजनीतिक दबाव के कारण प्रशासन आम जनता की सुरक्षा और सुविधाओं की बलि चढ़ा रहा है?
नागरिकों की अपील एवं उच्चाधिकारियों को सीधी चेतावनी
क्षेत्र के नागरिकों ने UMC आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त, और टाउन प्लानिंग विभाग से मांग की है कि:
- तात्कालिक निरीक्षण: बीके नंबर १३१४, धोबी घाट स्थल पर तत्काल तकनीकी टीम भेजकर मापी (Measurement) कराई जाए।
- रास्ता खाली कराने की कार्रवाई: सार्वजनिक मार्ग पर बने अवैध ढांचे को अविलंब हटाकर रास्ता आम जनता के लिए बहाल किया जाए।
- दोषियों पर प्राथमिकी (FIR): नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणकर्ता और अनदेखी करने वाले बीट इंस्पेक्टर/अधिकारियों के खिलाफ महाराष्ट्र प्रादेशिक नगर रचना अधिनियम के तहत मामला दर्ज हो।
सार्वजनिक हित एवं निष्पक्षता नोट: यह रिपोर्ट स्थानीय रहवासियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों, जमीनी स्थिति और प्रशासनिक नियमों के आधार पर जनहित में प्रकाशित की गई है। नगर निगम रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच और प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
📍 स्थान: बीके नंबर १३१४, धोबी घाट, मराठा सेक्शन, उल्हासनगर-४
📢 संबंधित संस्था: उल्हासनगर महानगरपालिका
(UMC) | नगर रचना एवं प्रभाग समिति कार्यालय
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