गणेश शिंपी प्रकरण में बड़ा प्रशासनिक एक्शन: 7 दिनों में जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट देने के जिलाधिकारी के निर्देश


शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा 

उल्हासनगर मनपा आयुक्त को ठाणे जिलाधिकारी का स्पष्ट आदेश; नियुक्तियों, कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच के निर्देश

उल्हासनगर महानगरपालिका के अधिकारी गणेश अरविंद शिंपी की कार्यप्रणाली को लेकर उठाए गए गंभीर सवालों के मामले में अब प्रशासनिक स्तर पर जांच के निर्देश जारी किए गए हैं। ठाणे जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने उल्हासनगर महानगरपालिका आयुक्त को निर्देश दिया है कि संबंधित निवेदन में उठाए गए सभी बिंदुओं की स्वयं के स्तर पर विस्तृत जांच कर 7 दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को प्रस्तुत की जाए।

प्राप्त आधिकारिक पत्र के अनुसार, राष्ट्र कल्याण पार्टी के अध्यक्ष शैलेश राममूर्ति तिवारी द्वारा 3 अगस्त 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय में एक निवेदन प्रस्तुत किया गया था। इसमें मनपा अधिकारी गणेश शिंपी की संवेदनशील पदों पर नियुक्तियों, कथित अनियमितताओं, कथित भ्रष्टाचार, कथित आय से अधिक संपत्ति तथा अन्य संबंधित मामलों की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई थी।

निवेदन में इन मामलों की जांच विशेष जांच दल (SIT), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), प्रवर्तन निदेशालय (ED) अथवा अन्य सक्षम जांच एजेंसी के माध्यम से कराने की मांग भी की गई है।

तीन महीनों से चल रहा था आंदोलन

शैलेश तिवारी की ओर से दावा किया गया है कि इन मांगों को लेकर पिछले तीन महीनों से लगातार उल्हासनगर महानगरपालिका तथा ठाणे जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर आंदोलन और प्रदर्शन किए जा रहे थे। इसी क्रम में जिलाधिकारी कार्यालय को संबंधित निवेदन सौंपा गया।

आधिकारिक पत्र में यह भी उल्लेख है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ओर से इस निवेदन के संदर्भ में जिलाधिकारी ठाणे को जांच कर तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

7 दिन में रिपोर्ट, दस्तावेजों के साथ स्पष्ट राय भी जरूरी

जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल द्वारा मनपा आयुक्त को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आवेदन में उठाए गए बिंदुओं की स्वयं के स्तर से विस्तृत जांच की जाए और जांच के बाद स्पष्ट राय के साथ तथ्यात्मक रिपोर्ट तथा आवश्यक दस्तावेज जिलाधिकारी कार्यालय को 7 दिनों के भीतर उपलब्ध कराए जाएं।

इस आदेश के बाद अब पूरे मामले में उल्हासनगर महानगरपालिका स्तर पर होने वाली जांच और उसकी रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं।

हालांकि, पत्र में लगाए गए भ्रष्टाचार, आय से अधिक संपत्ति अथवा अन्य अनियमितताओं के आरोपों की अभी जांच होना बाकी है। इसलिए इन आरोपों को फिलहाल आरोप/शिकायत के रूप में ही देखा जाना चाहिए; जांच के निष्कर्ष के बाद ही उनकी पुष्टि या खंडन हो सकेगा।

स्रोत: ठाणे जिलाधिकारी एवं जिलादंडाधिकारी कार्यालय द्वारा 08 सितंबर 2026 को जारी पत्र।


Post a Comment

Please Select Embedded Mode To Show The Comment System.*

Previous Post Next Post