🚨 300–350 करोड़ की कथित बुद्धभूमि भूमि विवाद पर उबाल!
29 जून को कल्याण में 'बुद्धभूमि बचाओ जन-आक्रोश महामोर्चा', न्याय और कार्रवाई की उठी मांग

शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा

कल्याण शहर में बुद्धभूमि फाउंडेशन से जुड़े कथित भूमि विवाद को लेकर एक बार फिर माहौल गर्म हो गया है। आंदोलन से जुड़े संगठनों ने 29 जून 2026, सोमवार को सुबह 11:00 बजे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर उद्यान से कल्याण महानगरपालिका मुख्यालय तक "बुद्धभूमि बचाओ जन-आक्रोश महामोर्चा" निकालने की घोषणा की है।


आंदोलनकारियों का आरोप है कि बुद्धभूमि फाउंडेशन की 300 से 350 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों, भूमि अभिलेखों में हेरफेर तथा टीडीआर (Transferable Development Rights) प्रक्रिया में अनियमितताओं के माध्यम से कब्जा करने का प्रयास किया गया। उनका कहना है कि वर्षों से विभिन्न सरकारी विभागों में शिकायतें, दस्तावेज और आवेदन दिए जाने के बावजूद अब तक दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।


आयोजकों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में संबंधित अधिकारियों, बिल्डरों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका दावा है कि मामले में संस्था को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है तथा सार्वजनिक हित भी प्रभावित हुआ है।

महामोर्चे की प्रमुख मांगें

  • कथित भूमि घोटाले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच।
  • दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई।
  • कथित फर्जी दस्तावेजों और अवैध भूमि हस्तांतरण की जांच।
  • बुद्धभूमि फाउंडेशन को न्याय एवं उचित मुआवजा।
  • टीडीआर प्रक्रिया और भूमि अभिलेखों की स्वतंत्र जांच।

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।

⚠️ जनहित में महत्वपूर्ण सूचना

भूमि विवाद और संपत्ति खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों में नागरिकों को किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले संबंधित भूमि के सरकारी रिकॉर्ड, स्वामित्व दस्तावेज, राजस्व अभिलेख और कानूनी स्थिति की पूरी जांच अवश्य करनी चाहिए। किसी भी संदिग्ध भूमि लेन-देन या सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी मिलने पर संबंधित प्रशासनिक विभाग को तुरंत सूचित करें।

शौर्य टाइम्स का पक्ष

यह समाचार आंदोलन के आयोजकों द्वारा जारी पत्रक एवं सार्वजनिक रूप से लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र सरकारी अथवा न्यायिक पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है। निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों के तहत संबंधित सरकारी विभाग, महानगरपालिका, बुद्धभूमि फाउंडेशन तथा अन्य संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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