शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से की स्थायी समाधान और सख्त कार्रवाई की मांग
कल्याण–बदलापुर राज्य मार्ग पर किए गए चौड़ीकरण और कंक्रीटीकरण कार्यों के बावजूद अंबरनाथ–उल्हासनगर मार्ग पर यातायात अव्यवस्था और सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर सड़क को आधुनिक स्वरूप देने के बाद भी कई स्थानों पर जाम, दुर्घटनाओं का खतरा और अव्यवस्थित यातायात नागरिकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों का कहना है कि सड़क की स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है, लेकिन यातायात प्रबंधन की कमी, अनियंत्रित पार्किंग, अतिक्रमण और कुछ स्थानों पर अधूरी सहायक सुविधाओं के कारण अपेक्षित राहत नहीं मिल पा रही है।
⚠️ मुख्य समस्याएं जिन पर नागरिकों ने जताई चिंता
🔹 कई स्थानों पर अवैध और बेतरतीब पार्किंग के कारण सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है।
🔹 व्यस्त चौराहों और कट पॉइंट्स पर पर्याप्त ट्रैफिक नियंत्रण व्यवस्था का अभाव है।
🔹 सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण पैदल यात्रियों को जोखिम उठाना पड़ता है।
🔹 कुछ क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट और संकेतक (Sign Boards) पर्याप्त नहीं हैं।
🔹 भारी वाहनों और स्थानीय यातायात के एक साथ संचालित होने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
🔹 स्कूल, बाजार और रिहायशी क्षेत्रों के आसपास स्पीड कंट्रोल उपायों की कमी महसूस की जा रही है।
🚑 दुर्घटनाओं को लेकर बढ़ी चिंता
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तेज गति से दौड़ने वाले वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेतकों की कमी के चलते रात के समय जोखिम और बढ़ जाता है। नागरिक संगठनों ने सड़क सुरक्षा ऑडिट कराने और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।
🏛️ प्रशासन से क्या हैं प्रमुख मांगें?
✔️ अवैध पार्किंग के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जाए।
✔️ महत्वपूर्ण चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए।
✔️ सड़क किनारे अतिक्रमण हटाकर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग बनाया जाए।
✔️ सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए जाएं।
✔️ दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्पीड कंट्रोल उपाय और अतिरिक्त संकेतक लगाए जाएं।
✔️ सड़क सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
📢 जनहित का मुद्दा
क्षेत्र के नागरिकों का मानना है कि केवल सड़क का चौड़ीकरण और कंक्रीटीकरण ही पर्याप्त नहीं है। सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था के लिए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन, नियमित निगरानी और दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता है। लोगों ने संबंधित विभागों से इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए ठोस और स्थायी समाधान लागू करने की मांग की है।
"सड़क विकास तभी सफल माना जाएगा, जब नागरिक सुरक्षित और बिना बाधा के यात्रा कर सकें।"
— शौर्य टाइम्स | जनहित में जागरूकता समाचार 📰🚦


