

शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा
समता नगर में सामने आया चौंकाने वाला मामला; मनपा आयुक्त से जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की मांग
उल्हासनगर महानगरपालिका के उल्हासनगर-4 स्थित समता नगर परिसर में 29 जुलाई 2026 को कथित तौर पर एक सफाईकर्मी को बिना उचित यांत्रिक व्यवस्था के सीधे मैनहोल में उतारकर गटर की सफाई करवाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर अधिवक्ता जय गायकवाड़, संयोजक-अध्यक्ष, स्वराज्य संघटना, ने उल्हासनगर महानगरपालिका आयुक्त को लिखित शिकायत भेजकर तत्काल जांच एवं संबंधित अधिकारियों, ठेकेदार तथा जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
🔴 "सफाई के नाम पर मजदूर की जान जोखिम में क्यों?"
अधिवक्ता जय गायकवाड़ की शिकायत के अनुसार, 29/07/2026 को समता नगर, उल्हासनगर-4 में मनपा की ओर से एक कामगार को मैनहोल के अंदर उतारकर गटर सफाई का काम करवाया गया। शिकायत में इसे अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक घटना बताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।
मैनहोल या सीवर में उतरना अत्यंत जोखिमपूर्ण कार्य है। जहरीली गैस, ऑक्सीजन की कमी, अचानक पानी का बहाव और दम घुटने जैसी परिस्थितियां सफाईकर्मी की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। इसलिए निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के बिना किसी व्यक्ति को ऐसे स्थान पर भेजना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का विषय बन सकता है।
⚖️ कानून का हवाला देकर कार्रवाई की मांग
शिकायत में The Prohibition of Employment as Manual Scavengers and their Rehabilitation Act, 2013 का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि मानवीय तरीके से गटर/सीवर/मैनहोल की सफाई कराने की प्रथा पर रोक है और सफाईकर्मियों की सुरक्षा एवं पुनर्वास से संबंधित कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाना आवश्यक है।
शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि सफाईकर्मियों से असुरक्षित परिस्थितियों में काम करवाना केवल सुरक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि मानव गरिमा और सामाजिक न्याय से जुड़ा गंभीर विषय है।
📢 अधिवक्ता जय गायकवाड़ की मनपा से 5 प्रमुख मांगें
1️⃣ घटना की तत्काल जांच:29 जुलाई 2026 को हुई घटना की निष्पक्ष एवं तत्काल जांच कराई जाए।
2️⃣ जिम्मेदारी तय हो:संबंधित अधिकारी, ठेकेदार अथवा जिम्मेदार कर्मचारी की भूमिका निर्धारित कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
3️⃣ मैनहोल में मानव प्रवेश पर रोक:भविष्य में मैनहोल की सफाई के लिए किसी व्यक्ति को अंदर उतारने के बजाय आधुनिक यांत्रिक एवं मशीनरी आधारित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
4️⃣ सफाईकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो:सभी सफाई कर्मचारियों को प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरण, आवश्यक संरक्षण और निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल उपलब्ध कराया जाए।
5️⃣ कार्रवाई सार्वजनिक की जाए:जांच के बाद की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
🔥 “अगर जिम्मेदार अधिकारी ही नियमों का उल्लंघन करेंगे तो शिकायत किससे की जाए?”
शिकायत में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि संबंधित अधिकारी जानबूझकर या कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन करते हुए मानव श्रमिकों से मैनहोल की सफाई करवाते हैं, तो ऐसी व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।सफाई व्यवस्था के नाम पर किसी सफाईकर्मी की जिंदगी को खतरे में डालना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
🚨 उल्हासनगर मनपा प्रशासन के सामने बड़ा सवाल
-क्या मनपा के पास आधुनिक मशीनरी उपलब्ध होने के बावजूद सफाईकर्मी को मैनहोल में उतरने की नौबत क्यों आई?
-क्या संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों ने सुरक्षा मानकों का पालन किया था?
-क्या मौके पर किसी जिम्मेदार अधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया?
-और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो अब तक जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की गई?
-इन सवालों का जवाब उल्हासनगर महानगरपालिका प्रशासन को देना होगा।
🛑 सफाईकर्मी की जान से समझौता नहीं!
शहर को स्वच्छ रखना मनपा की जिम्मेदारी है, लेकिन शहर की सफाई करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतनी ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उल्हासनगर मनपा प्रशासन से मांग है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराई जाए, दोषी पाए जाने वालों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई हो तथा पूरे शहर में मैनहोल और सीवर सफाई व्यवस्था का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए।
“शहर की सफाई जरूरी है, लेकिन सफाईकर्मी की जिंदगी उससे भी ज्यादा कीमती है।”
शिकायतकर्ता:
अधिवक्ता
जय गायकवाड़संयोजक-
अध्यक्ष, स्वराज्य संघटना