उल्हासनगर में 21,000 डॉग बाइट केसों के बाद उल्हासनगर महानगर पालिका ने नसबंदी अभियान फिर से शुरू किया, इलाज के बाद कुत्तों को सुरक्षित लौटाने का वादा।


उल्हासनगर : नीतू विश्वकर्मा


उल्हासनगर में डॉग बाइट मामलों की संख्या 21,000 तक पहुँचने के बाद, उल्हासनगर महानगरपालिका (UMC) ने सख्त कदम उठाते हुए नसबंदी विभाग को फिर से सक्रिय कर दिया है और दो डॉग वैन सेवाओं की शुरुआत की है। ये वैन पूरे शहर में घूमकर आवारा कुत्तों को पकड़ेंगी, नसबंदी के लिए उन्हें अस्पताल पहुंचाएंगी और इलाज के बाद उन्हें उनके मूल स्थानों पर वापस छोड़ा जाएगा।

UMC के एक अधिकारी ने बताया, "इन डॉग वैन के जरिए हम आवारा कुत्तों को पकड़कर नसबंदी विभाग में लाएंगे। इलाज के बाद उन्हें उसी क्षेत्र में वापस छोड़ा जाएगा जहां से उन्हें पकड़ा गया था। हमारा उद्देश्य डॉग बाइट मामलों को कम करना है, इसलिए हम कठोर कदम उठा रहे हैं।"

गौरतलब है कि नगर के सेंट्रल अस्पताल में अब तक 21,000 डॉग बाइट केस दर्ज किए जा चुके हैं। इस alarming स्थिति के चलते UMC ने पहले से बंद पड़े नसबंदी विभाग को पुनः चालू किया और मिड-डे अखबार की रिपोर्ट के बाद तत्काल टेंडर निकालकर वैन सेवा शुरू की।

अधिकारी ने आगे बताया, "अब तक हम करीब 11,000 कुत्तों की नसबंदी कर चुके हैं और अब हमारा लक्ष्य है कि शेष 4,000 कुत्तों का भी इलाज किया जाए। नसबंदी के दौरान कुत्तों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया गया है।"

UMC ने स्पष्ट किया कि यह सेवा केवल आवारा कुत्तों के लिए है। साथ ही, पशु प्रेमियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह भी सुनिश्चित किया गया है कि नसबंदी के बाद सभी कुत्तों को उनके मूल स्थानों पर ही छोड़ा जाएगा।

नगर निगम का यह कदम शहर में डॉग बाइट की गंभीर समस्या से निपटने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

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