उल्हासनगर महानगरपालिका की बड़ी कार्रवाई – 18 फर्जी डॉक्टरों पर मामला दर्ज।

उल्हासनगर: नीतू विश्वकर्मा उल्हासनगर महानगरपालिका के वैद्यकीय आरोग्य विभाग ने ठाणे जिल्हाधिकारी और जिल्हादंडाधिकारी कार्यालय के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए 18 फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह अभियान मेडिकल क्षेत्र में अवैध रूप से कार्यरत व्यक्तियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाया गया। जांच में सामने आए अहम खुलासे प्रशासन को कुल 26 संदिग्ध डॉक्टरों की सूची प्राप्त हुई थी, जिनकी गहन जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए: 18 डॉक्टर बिना किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री के प्रैक्टिस कर रहे थे, जिन पर अब कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 3 डॉक्टर महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) में पंजीकृत पाए गए, जिनके दस्तावेज वैध होने की पुष्टि हुई। 4 डॉक्टरों के क्लिनिक बंद मिले, जिनकी जांच अभी भी जारी है। 1 डॉक्टर कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका क्षेत्र में प्रैक्टिस कर रहा था, जिसके खिलाफ संबंधित प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा रही है। नागरिकों के लिए प्रशासन की अपील महानगरपालिका ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना वैध प्रमाणपत्र वाले डॉक्टरों से इलाज न कराएं और किसी भी संदेहास्पद चिकित्सा गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। साथ ही, सभी पंजीकृत डॉक्टरों को अपने लाइसेंस और आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। वैद्यकीय आरोग्य अधिकारी डॉ. मोहिनी धर्मा ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और फर्जी डॉक्टरों पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। फर्जीवाड़े पर प्रशासन का सख्त रुख उल्हासनगर महानगरपालिका ने यह संदेश दिया है कि बोगस ब्रांड, बोगस सनद, बोगस टीडीआर और बोगस टेंडर की तरह अब फर्जी डॉक्टरों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों पर कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

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