भीलवाड़ा जींस मिलों से करोड़ों के फ्रॉड करने वाले मामले में बंटी कुरसिजा और उसका साथी हसानंद नंदवानी की राजस्थान भीलवाडा सत्र न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत खारिज,आरोपियों पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार।

 




उल्हासनगर : नीतू विश्वकर्मा 

उल्हासनगर में व्यापारियों के संरक्षण व हित के झूठे दावे कर अपनी एसोसिएशन चलाने वाले विवादित व्यापारी बंटी कुरसेजा को भीलवाड़ा की विभिन्न जींस मीलों के साथ हुई करोड़ों की धोखा धड़ी मामले में कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। दरअसल भीलवाडा मिल मामले में कनेक्शन के सन्दर्भ में पूछताछ करने के लिए बंटी कुरसेजा को भीलवाड़ा पुलिस द्वारा उसके गोदाम पर जाकर तब 41 (अ) के तहत पुलिस के सामने पेश होने का नोटिस जारी किया गया था जब वो पुलिस के बुलाने पर भी घंटों तक अपने गोदाम में नहीं आया। इसके बाद बंटी कुरसेजा ने पहले कल्याण सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत (ट्रॉजिट बेल) की अर्जी दाखिल की और फिर उसे पीछे लेते हुए वो भीलवाड़ा न्यायालय की शरण में पहुंचा और उसने भीलवाड़ा न्यायालय में अग्रीम जमानत की अर्जी दाखिल की जिसकी सुनवाई पहले 18 जून को होनी थी। परंतु किसी कारण कोर्ट को सुनवाई की तारीख 19 जून करनी पड़ी,19 जून को दोनों ही पक्षों में हुई बहस में पुलिस ने अपना पक्ष मजबूती से माननीय न्यायाधीश के समक्ष रखा और इसके बाद न्यायाधीश द्वारा अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा गया और 20 जून को माननीय न्यायाधीश ने बंटी कुरसेजा व हासानंद नंदवानी (हासा) की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया।

मिली जानकारी के अनुसार बंटी कुरसेजा के वकील द्वारा बंटी का पक्ष रखा गया कि वो किसी भी तरह से एफआईआर में जिन आरोपियों के नाम शामिल है उनको नहीं जानता है और ना कभी उनसे मिला है, उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि बंटी द्वारा भीलवाड़ा कपडा मीलों से कोई व्यव्हार ही नहीं किया है।







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