आरबीआई ने कोणार्क अर्बन को-ऑप बैंक पर प्रतिबंध लगाए।

 







उल्हासनगर : नीतू विश्वकर्मा 

पात्र जमाकर्ता जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) से केवल ५ लाख रुपये तक की जमा राशि पर जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने के हकदार होंगे।

आरबीआई ने मंगलवार को उल्हासनगर (महाराष्ट्र) के कोणार्क अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर बैंक की बिगड़ती वित्तीय स्थिति के मद्देनजर निकासी सहित कई प्रतिबंध लगा दिए। पात्र जमाकर्ता जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) से केवल 5 लाख रुपये तक की अपनी जमा राशि पर जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने के हकदार होंगे। बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35 ए के तहत कोणार्क अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर निर्देश के रूप में प्रतिबंध आज  २२ अप्रैल, २०२४ (मंगलवार) को कारोबार बंद होने से प्रभावी हो गए।

लगाए गए प्रतिबंधों के साथ, बैंक आरबीआई की अनुमति के बिना किसी भी ऋण और अग्रिम को मंजूरी या नवीनीकृत नहीं कर सकता है, कोई निवेश नहीं कर सकता है, किसी भी देयता हस्तांतरण को वहन नहीं कर सकता है या अपनी किसी भी संपत्ति का निपटान नहीं कर सकता है।

रिजर्व बैंक ने कहा, "बैंक की वर्तमान तरलता स्थिति को देखते हुए, सभी बचत बैंक या चालू खातों या जमाकर्ता के किसी भी अन्य खाते में कुल शेष राशि से कोई भी राशि निकालने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, लेकिन ऋणों को समायोजित करने की अनुमति है।"

आरबीआई ने आगे कहा कि ऋणदाता पर प्रतिबंधों को बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। उसने कहा कि बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक प्रतिबंधों के साथ बैंकिंग व्यवसाय करना जारी रखेगा।










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