जनता ने वोट दिया, अब हिसाब भी मांगेगी! उल्हासनगर महासभा LIVE करने की मांग तेज



 शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा 

उल्हासनगर महासभा की कार्यवाही LIVE कब होगी? जनता मांग रही है पारदर्शिता और जवाबदेही
जनता के धन से चलने वाली महासभा की कार्यवाही जनता से दूर क्यों?

उल्हासनगर महानगरपालिका की महासभा की कार्यवाही LIVE करने की मांग अब केवल एक प्रशासनिक सुझाव नहीं रह गई है, बल्कि यह शहर में पारदर्शिता और जवाबदेही की बढ़ती अपेक्षा का प्रतीक बन चुकी है।

नागरिकों का कहना है कि जब आज के दौर में विधानसभा, संसद और कई स्थानीय निकायों की कार्यवाही डिजिटल माध्यमों से जनता तक पहुंचाई जा सकती है, तो उल्हासनगर महानगरपालिका की महासभा की कार्यवाही भी LIVE क्यों नहीं दिखाई जानी चाहिए?

LIVE महासभा से जनता को क्या जानकारी मिलेगी?

यदि महासभा की LIVE स्ट्रीमिंग और रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की जाए, तो नागरिक स्वयं देख सकेंगे कि—
  • कौन-सा नगरसेवक जनता के मुद्दे उठा रहा है?
  • कौन अपने वार्ड की समस्याओं पर सवाल कर रहा है?
  • कौन विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों पर जवाब मांग रहा है?
  • कौन बैठकों में नियमित रूप से उपस्थित रहता है?
  • कौन अनुपस्थित रहता है या बैठक में सक्रिय भूमिका नहीं निभाता?
  • शहर के महत्वपूर्ण मुद्दों पर कौन बोलता है और कौन मौन रहता है?
इससे जनता को किसी राजनीतिक दावे या प्रचार पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी। नागरिक स्वयं तथ्यों का आकलन कर सूचित निर्णय ले सकेंगे।

‘नगरसेवक काम कर रहा है’—या केवल औपचारिक भूमिका निभा रहा है?

नागरिकों का प्रश्न स्पष्ट है—
जिस प्रतिनिधि को जनता ने अपने मत से चुना है, क्या उसे जनता के समक्ष अपने कार्यों का विवरण नहीं देना चाहिए?

महासभा की कार्यवाही LIVE होने से यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि शहर की समस्याओं—पानी, सड़क, नालियां, कचरा, ट्रैफिक, स्वास्थ्य, शिक्षा, अतिक्रमण, टैक्स और नागरिक सुविधाओं—पर कौन-सा प्रतिनिधि गंभीरता से आवाज उठा रहा है।

यदि कोई प्रतिनिधि लगातार महत्वपूर्ण चर्चाओं से अनुपस्थित या निष्क्रिय दिखाई देता है, तो जनता के पास आगामी चुनाव में सवाल पूछने और सोच-समझकर मतदान करने का ठोस आधार भी होगा।

अब जनता की निगाह सीधे सदन पर होनी चाहिए

उल्हासनगर के नागरिकों की मांग है कि महासभा की LIVE वीडियो स्ट्रीमिंग, बैठकों की रिकॉर्डिंग, उपस्थिति, एजेंडा, प्रस्ताव और महत्वपूर्ण निर्णय महानगरपालिका के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक किए जाएं।

लोकतंत्र केवल चुनाव के दिन मतदान करने तक सीमित नहीं है।

जनता ने प्रतिनिधियों को पांच वर्षों के लिए अपना विश्वास सौंपा है। अब जनता यह भी जानना चाहती है कि उस विश्वास का निर्वहन किस प्रकार किया जा रहा है।

नेताओं और नगरसेवकों से सार्वजनिक अपील

यदि जनप्रतिनिधि वास्तव में जनता के हित में कार्य कर रहे हैं, तो महासभा की कार्यवाही LIVE करने में आपत्ति क्यों होनी चाहिए?

  • कैमरे स्थापित कीजिए।
  • महासभा की कार्यवाही LIVE कीजिए।
  • उपस्थिति सार्वजनिक कीजिए।
  • बहस और निर्णय जनता के समक्ष रखिए।
  • और नागरिकों को तय करने दीजिए कि कौन प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है।

उल्हासनगर की जनता का सवा?

“हमारे मत से चुना गया प्रतिनिधि सदन में क्या करता है—यह जानना हमारा अधिकार है या नहीं?”

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उल्हासनगर महानगरपालिका और शहर का प्रशासन संभालने वाले जिम्मेदार जनप्रतिनिधि इस मांग पर क्या कदम उठाते हैं।

जब सदन जनता के धन से संचालित होता है, तो उसकी कार्यवाही जनता की निगाहों से दूर क्यों रहे?
जनता देखेगी • जनता पूछेगी • जनता तय करेगी
महासभा की कार्यवाही LIVE कीजिए—लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत बनाइए।


 






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