🚩 उल्हासनगर में मंदिर की घंटियों के विवाद के बाद साउंड सिस्टम हटाने पर बवाल! पुलिस कार्रवाई पर सवाल, भाजपा-शिवसेना की भूमिका चर्चा में





शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा 

उल्हासनगर में एक सार्वजनिक देवी मंदिर को लेकर स्थानीय नागरिकों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति देखी जा रही है। हाल ही में नवरात्रि के उपरांत एक स्थानीय शिकायत के आधार पर पुलिस द्वारा मंदिर परिसर से साउंड सिस्टम हटाए जाने के बाद विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ लिया है। इससे पूर्व इसी मंदिर में घंटियों को बांधे जाने का मामला सामने आया था, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर तीखा विरोध दर्ज कराया गया था।

मुख्य घटनाक्रम और विवाद के प्रमुख बिंदु


  • ध्वनि प्रदूषण और पुलिस कार्रवाई: स्थानीय सूत्रों के अनुसार, एक महिला द्वारा की गई शिकायत के बाद पुलिस प्रशासन ने मंदिर से साउंड सिस्टम हटाने की कार्रवाई की। स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि नियमों के दायरे में रहकर आरती और धार्मिक अनुष्ठान करने का अधिकार सभी को है, ऐसे में प्रशासन को एकतरफा कार्रवाई के बजाय निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
  • अनधिकृत निर्माण का आरोप: स्थानीय नागरिकों और प्रतिनिधियों का दावा है कि नगर निगम (Ulhasnagar Municipal Corporation) के रिकॉर्ड के अनुसार शिकायतकर्ता से जुड़े परिसर का निर्माण कथित तौर पर अनुमति के बिना हुआ है। नागरिकों की मांग है कि यदि निर्माण अनधिकृत है, तो नगर निगम प्रशासन को संबंधित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच कर समान रूप से कार्रवाई करनी चाहिए।
  • घंटा विवाद का पूर्व संदर्भ: कुछ समय पूर्व मंदिर की घंटियों को बांधने को लेकर विवाद हुआ था। उस दौरान शिवसेना के स्थानीय पदाधिकारी विक्की भुल्लर और कार्यकर्ताओं ने स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर घंटियों को खोलकर महाआरती का आयोजन किया था। अब दोबारा हुई कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर असंतोष गहरा गया है।

जन-प्रतिनिधियों और प्रशासन की भूमिका पर सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय नेतृत्व और राज्य शासन से जवाबदेही की मांग की जा रही है:

  • स्थानीय विधायक से स्पष्ट रुख की मांग: उल्हासनगर के भाजपा विधायक कुमार आयलानी से नागरिकों ने अपील की है कि वे मंदिर के पक्ष को समझें, प्रशासनिक स्तर पर नगर निगम से निर्माण की वैधता की जांच करवाएं और इस विवाद का स्थायी समाधान निकालें।
  • प्रशासनिक निष्पक्षता की अपील: स्थानीय संगठनों ने गृह मंत्रालय और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि किसी भी शिकायत पर कार्रवाई करते समय कानूनी प्रक्रियाओं का निष्पक्ष पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि धार्मिक परंपराओं और सार्वजनिक शांति के बीच समन्वय बना रहे।

⚠️ सार्वजनिक सतर्कता एवं शांति संदेश (Public Alert & Awareness)

नागरिकों से शांति और संयम बरतने की अपील: कानून व्यवस्था बनाए रखना और नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। किसी भी विवादित स्थिति में अफवाहों पर ध्यान न दें और कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से ही नगर निगम व पुलिस प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखें। धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते समय निर्धारित डेसिबल सीमा (ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000) का सम्मान करें।

स्रोत: स्थानीय नागरिक शिकायतें, उल्हासनगर नगर निगम रिकॉर्ड संदर्भ एवं प्रत्यक्षदर्शी रिपोर्ट।

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