शौर्य टाईम्स : नीतू विश्वकर्मा
उल्हासनगर महानगरपालिका में कामों और टेंडर को लेकर चर्चा के दौरान दो भाजपा नगरसेवक गुटों के बीच कथित मारपीट, तोड़फोड़ और धमकी का मामला सामने आया है। मध्यवर्ती पुलिस थाने में इस मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर परस्पर विरोधी अपराध दर्ज किए गए हैं।
उपलब्ध पुलिस शिकायत/FIR दस्तावेजों के अनुसार घटना 1 सितंबर 2026 की शाम करीब 5:30 बजे उल्हासनगर-3 स्थित महानगरपालिका की गलिच्छ वस्ती निर्मूलन समिति के सभापति कार्यालय में हुई।
🔴 पहली शिकायत में क्या आरोप?
नगरसेवक एवं समिति के सभापति विपुल दत्तात्रय मयेकर की शिकायत के अनुसार, पुराने विवाद को लेकर प्रधान पाटील, जतीन पाटील, कल्पेश भोईर, मोहन तथा अन्य करीब 10 से 15 लोग कार्यालय में पहुंचे।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस दौरान अभिषेक राठोड, देवा मेहकर उर्फ देवेंद्र मिश्री, श्रीनिवास हुंडे, मुरी लबाना तथा अन्य लोगों के साथ मारपीट की गई।
शिकायत में यह भी आरोप है कि चाय का कप और पेपरवेट से हमला, धमकी तथा कार्यालय में रखी कुर्सी, ग्लास, टेलीफोन सहित अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया गया।
शिकायत में मारपीट के दौरान अभिषेक राठोड की चेन एवं हाथ की घड़ी को नुकसान/गायब होने का भी उल्लेख किया गया है।
🔵 दूसरी ओर मोहन चंद की शिकायत
दूसरी शिकायत मोहन करबीर चंद (43) की ओर से दर्ज कराई गई है। शिकायत के मुताबिक वे महानगरपालिका के काम एवं टेंडर से संबंधित चर्चा के लिए नगरसेवक प्रधान पाटील के साथ विपुल मयेकर के कार्यालय में पहुंचे थे।
आरोप है कि वहां मौजूद विपुल मयेकर, अभिषेक राठोड, देवा मेहकर उर्फ देवेंद्र मिश्री, श्रीनिवास हुंडे, मुरी लबाना, दो बॉडीगार्ड तथा अन्य लोगों ने कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की।
शिकायत के अनुसार मोहन चंद के दाहिने हाथ/कलाई और छाती में चोट आई तथा उनका हाथ का घड़ी और सोने की अंगूठी कथित रूप से गायब हुई। शिकायत में महानगरपालिका परिसर में दोबारा आने पर धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
⚖️ पुलिस ने दर्ज किए परस्पर विरोधी मामले
पुलिस रिकॉर्ड में दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। उपलब्ध दस्तावेजों में मध्यवर्ती पुलिस थाना, उल्हासनगर-3 का उल्लेख है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने प्रधान पाटील और विपुल मयेकर सहित दोनों पक्षों के समर्थकों के खिलाफ क्रॉस-केस दर्ज किए हैं। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
🏛️ राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज
घटना के बाद भाजपा के भीतर भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा उल्हासनगर जिलाध्यक्ष एवं गटनेता राजेश वधारिया ने घटना को आपसी गलतफहमी का परिणाम बताया और पार्टी स्तर पर चर्चा किए जाने की बात कही है।
उल्लेखनीय है कि विपुल मयेकर और प्रधान पाटील दोनों 2026 के उल्हासनगर महानगरपालिका चुनाव में भाजपा के निर्वाचित नगरसेवक हैं। चुनाव परिणामों में विपुल मयेकर प्रभाग 19 से तथा प्रधान पाटील प्रभाग 20 से निर्वाचित हुए थे।
⚠️ जनता के लिए बड़ा सवाल
जनता के काम, टेंडर और विकास कार्यों पर चर्चा के लिए बने महानगरपालिका कार्यालय में यदि जनप्रतिनिधियों के बीच ही मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप लगें, तो प्रशासनिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि, FIR में लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और आरोप साबित होना अभी बाकी है। दोनों पक्षों के बयान, CCTV फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी।
📰 स्रोत
प्राथमिक स्रोत: मध्यवर्ती पुलिस थाना, उल्हासनगर के उपलब्ध शिकायत/FIR दस्तावेज (दिनांक 2 सितंबर 2026) — प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर।
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